कोर्ट ने इस बहुचर्चित मामले के दोषी छात्र सरबजीत को 20 साल कैद की सजा सुनाई है. वहीं तीन नाबालिग छात्रों और प्रिंसिपल को 3-3 साल की कैद के साथ ही स्कूल के निदेशक को भी 9 साल की सजा सुनाई गई है.
- प्रिंसिपल और 3 नाबालिग आरोपियों को 3-3 साल की सजा
- पॉक्सो कोर्ट ने लगाया 10 लाख का जुर्माना, 2018 का है मामला
साल 2018 में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के एक बोर्डिंग स्कूल में छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया था. प्रदेश को हिलाकर रख देने वाले इस मामले में पॉक्सो कोर्ट ने फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने मुख्य साजिशकर्ता छात्र सरबजीत को 20 साल कैद की सजा सुनाई है. वहीं तीन नाबालिग छात्रों और प्रिंसिपल को 3-3 साल की कैद के साथ ही स्कूल के निदेशक को भी 9 साल की सजा सुनाई गई है.
कोर्ट ने प्रिंसिपल जितेंद्र शर्मा, निदेशक लता गुप्ता, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी दीपक, उसकी पत्नी तनु को अलग-अलग धाराओं में दोषी पाया. इन सभी पर साक्ष्य छुपाने, साजिश और गर्भपात कराने का आरोप था. दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने प्रिंसिपल जितेंद्र को तीन, अन्य सभी आरोपियों को 9-9 साल की सजा के साथ ही 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया.


