3 दिन में धामी का प्रहार, 4855 लोगों का सत्यापन, 278 वाहन सीज और 549 मामलों में कार्रवाई से अपराधियों का नेटवर्क हिला


ऑपरेशन प्रहार: धामी सरकार का सीधा वार, 3 दिन में 145 अपराधी सलाखों के पीछे
मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में अपराध के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ दी गई है। “ऑपरेशन प्रहार” के तहत 3 अप्रैल से 05 अप्रैल तक पुलिस ने ऐसा ताबड़तोड़ एक्शन लिया, जिसने अपराधियों के नेटवर्क को हिलाकर रख दिया।
आंकड़े नहीं, कार्रवाई की कहानी
145 वांछित और फरार अपराधी गिरफ्तार — सीधे जेल
549 मामलों में गुंडों-असामाजिक तत्वों पर प्रहार
4855 संदिग्धों का सत्यापन — हर गतिविधि पर नजर
1396 वाहनों के चालान, 278 वाहन सीज
98 गिरफ्तारी (ट्रैफिक उल्लंघन)
1678 होटल-ढाबों-बार-पब की चेकिंग
अवैध हथियारों की बरामदगी — अपराध की कमर पर वार
‘धामी एक्शन मोड’ में — अपराधियों के लिए नो एंट्री
यह अभियान साफ संकेत है कि मुख्यमंत्री धामी केवल समीक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीन पर नतीजे चाहते हैं। पुलिस को खुली छूट और सख्त निर्देशों का असर साफ दिखा—हर जिले में एक साथ दबिश, हर मोर्चे पर कार्रवाई।
जीरो टॉलरेंस: अब समझौता नहीं
धामी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है:
अपराधी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, बच नहीं पाएगा
कानून तोड़ने वालों के लिए अब कोई राहत नहीं
हर जिले में पुलिस “एक्शन मोड” में
जनता को सुरक्षा, अपराधियों में दहशत
इस ऑपरेशन के बाद सड़कों से लेकर बाजार तक पुलिस की मौजूदगी ने माहौल बदल दिया है। आम लोगों में भरोसा बढ़ा है, जबकि अपराधियों में डर साफ नजर आ रहा है।
मजबूत नेतृत्व, सख्त नतीजे
“ऑपरेशन प्रहार” यह साबित
करता है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड अब रिएक्टिव नहीं, प्रॉएक्टिव पुलिसिंग की ओर बढ़ चुका है।
यह सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि उस नई कार्यशैली का उदाहरण है जहां सरकार सीधे मैदान में उतरकर कानून का राज स्थापित कर रही है।
