SIR पर राहुल गांधी के नैरेटिव को सीएम धामी ने तथ्यों से घेरा, बोले—राजनीतिक सवालों का स्वागत, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप प्रमाणों के साथ हों


देहरादून। SIR के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के रुख को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, लेकिन चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाते समय तथ्यों और प्रमाणों को सामने रखना जरूरी है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि SIR को लेकर जिस तरह का नैरेटिव खड़ा करने का प्रयास किया गया, उससे लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा होने का खतरा है। उन्होंने कहा कि अब निर्वाचन आयोग का आधिकारिक रिकॉर्ड सामने है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR से संबंधित निर्णय पूर्ण आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से लिए गए थे।
धामी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती आरोपों से नहीं, बल्कि तथ्यों, प्रमाणों और संवैधानिक मर्यादाओं के सम्मान से होती है। उनका कहना था कि राजनीतिक बहस में सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर आरोप प्रमाणों के आधार पर ही लगाए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि आधिकारिक रिकॉर्ड सामने आने के बाद जनता के बीच भ्रम पैदा करने वाला नैरेटिव टिकना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों और नेताओं की जिम्मेदारी है।
निर्वाचन आयोग ने 23 सितंबर के अपने आधिकारिक वक्तव्य में कहा था कि SIR सहित संबंधित निर्णय पूर्ण आयोग के सर्वसम्मत निर्णय का परिणाम थे।
धामी का संदेश साफ है—राजनीतिक सवाल पूछिए, बहस कीजिए, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप तथ्यों और प्रमाणों के साथ ही लगाइए।
