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मुख्यमंत्री ने जौनसार बावर की संस्कृति पर आधारित विभिन्न लोक नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवलोकन किया।   

मुख्यमंत्री ने जौनसार बावर की संस्कृति पर आधारित विभिन्न लोक नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवलोकन किया।  

उत्तराखंड, देहरादून
  मुख्यमंत्री ने जौनसार बावर की संस्कृति पर आधारित विभिन्न लोक नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवलोकन किया।   मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को महासू मंदिर परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। उन्होंने जौनसार बावर की संस्कृति पर आधारित विभिन्न लोक नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्वयं भी हारूल तांदी लोकनृत्य किया। उन्होंने मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं को प्रसाद भी बांटा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार विरासत के साथ विकास को आगे बढ़ा रही है। एक ओर जहां मंदिर परिसर का भव्य निर्माण कार्य कर हम विकास करेंगे वहीं इससे हमारी देवभूमि की विरासत भी संरक्षित होगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में हम अपनी लोक संस्कृति को बचाने के लिए हर संभव ...
धन्यवाद पीएम मोदी जी : उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया इस बार उत्तराखंड 7वें स्थान पर रहा। यही तो पाॅवर ऑफ स्पोर्ट्स है, जो इंडिविजुअल और कम्युनिटीज के साथ-साथ पूरे राज्य का कायाकल्प कर देती है

धन्यवाद पीएम मोदी जी : उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया इस बार उत्तराखंड 7वें स्थान पर रहा। यही तो पाॅवर ऑफ स्पोर्ट्स है, जो इंडिविजुअल और कम्युनिटीज के साथ-साथ पूरे राज्य का कायाकल्प कर देती है

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धन्यवाद पीएम मोदी जी : उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया इस बार उत्तराखंड 7वें स्थान पर रहा। यही तो पाॅवर ऑफ स्पोर्ट्स है, जो इंडिविजुअल और कम्युनिटीज के साथ-साथ पूरे राज्य का कायाकल्प कर देती है   38 वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य और विराट आयोजन पर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश से अपने 'मन की बात' कही। उत्तराखंड की पीठ थपथपाते हुए उन्होंने कहा-उत्तराखंड स्ट्राॅंग स्पोर्टिंग फोर्स के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री ने 28 जनवरी को देहरादून में 38 वें राष्ट्रीय खेलों का शुभारंभ किया था। तब उन्होंने ये उम्मीद जताई थी कि उत्तराखंड राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन करेगा। उत्तराखंड ने न सिर्फ खेलों का भव्य आयोजन किया, बल्कि खेल मैदान में भी उसका प्रदर्शन शानदार साबित हुआ।   आकाशवाणी पर अपने लोकप्रिय कार्यक्रम 'मन की बात' के 119 वें एपिसोड में...
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के छात्रों ने सीखा रेशम उत्पादन”

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के छात्रों ने सीखा रेशम उत्पादन”

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श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के छात्रों ने सीखा रेशम उत्पादन"         श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के छात्रों ने सीखा रेशम बनाना देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शनिवार को शैक्षणिक भ्रमण के तहत प्रेमनगर स्थित उत्तराखण्ड कोऑपरेटिव रेशम फेडरेशन लिमिटेड जाकर रेशम कीट पालन को जाना एवं उससे जुड़ा रेशम उत्पादन समझा वहीं दूसरी ओर प्रीतम रोड स्थित चेशायर होम जाकर दिव्यांग बच्चों की परेशानियां भी समझने की कोशिश की। प्रेमनगर स्थित उत्तराखण्ड कोऑपरेटिव रेशम फेडरेशन लिमिटेड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने छात्र-छात्राओं को रेशम के कीड़ों की लाइफ के बारे में समझाया। इनसे सिल्क उत्पादन के बारे में पता चला। साथ ही छात्रों को यह भी बताया गया कि सिल्क का अर्थव्यवस्था में योगदान कितना है। इस मौके पर विभाग के कर्मचारियों ने बता...
मेडिकल कॉलेजों को शीघ्र मिलेगी 156 नई फैकल्टीः डॉ. धन सिंह रावत

मेडिकल कॉलेजों को शीघ्र मिलेगी 156 नई फैकल्टीः डॉ. धन सिंह रावत

उत्तराखंड
मेडिकल कॉलेजों को शीघ्र मिलेगी 156 नई फैकल्टीः डॉ. धन सिंह रावत प्रोफेसर के 53 व एसोसिएट प्रोफेसर के 103 रिक्त पद भरे जायेंगे देहरादून, 22 फरवरी 2025 चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित मेडिकल कॉलेजों में एसोसिएट प्रोफेसर तथा प्रोफेसरों के रिक्त 156 पदों पर शीघ्र ही फैकल्टी तैनात कर दी जायेगी। जिससे राज्य के राजकीय मेडिकल कॉलेजों को फैकल्टी की कमी से काफी राहत मिलेगी। सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज बजट सत्र के बीच अपने कार्यालय कक्ष में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ राजकीय मेडिकल कॉलेजों में विभिन्न संवर्ग के रिक्त पदों की समीक्षा की। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा निदेशालय की ओर राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को मार्च 2024 में प्रोफेसरों एवं एसोसिएट प्रोफेसरों के रिक्त 153 पदों का अधियाचन...
गुस्सा क्या होता है यह कभी शायद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पता ही नहीं है…   

गुस्सा क्या होता है यह कभी शायद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पता ही नहीं है…  

उत्तराखंड
  गुस्सा क्या होता है यह कभी शायद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पता ही नहीं है...   उत्तराखण्ड की सियासत को नजदीक से पहचानने वाले जानते हैं कि राज्य के जिस-जिस पूर्व मुख्यमंत्री ने सत्ता चलाने के दौरान गुस्से और अहंकार से अपने आपको सत्ता का बादशाह समझा उस-उस पूर्व मुख्यमंत्री का नाम आज राज्य की जनता भूल चुकी है क्योकि आम जनमानस को अपना मुखिया हसमुख देखने की ही हमेशा अभिलाषा रही है। उत्तराखण्ड की कमान जबसे सैनिक पुत्र धामी को मिली है तो उन्होंने सत्ता चलाने के लिए हमेशा फ्लावर चेहरे को आवाम के सामने रखा और उनके बीच जाकर उन्होंने हमेशा उन्हें यही संदेश दिया कि वह आवाम के जनसेवक हैं न कि किसी सल्तनत के बादशाह मुख्यमंत्री अपने तीन साल से अधिक के कार्यकाल में कभी किसी पर गुस्सा होते हुए दिखाई नहीं दिए उनके सामने जब चाहे कितना भी बडा संकट या मामला आया हो उन्होंने कभी भी ...
एसजीआरआरयू में बौद्विक संपदा अधिकार पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन   

एसजीआरआरयू में बौद्विक संपदा अधिकार पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन  

उत्तराखंड, देहरादून
एसजीआरआरयू में बौद्विक संपदा अधिकार पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) के इनोवेशन एण्ड इन्क्यूबेशन सैन्टर (आई.आई.सी.) के द्वारा बौद्विक संपदा अधिकार (इंटैलैक्चुअल प्रोपर्टी राईटस) पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के सभागार में शनिवार को इंटैलैक्चुअल प्रोपर्टी राईटस आधारित स्टार्ट अप्स हेतु इनोवेटिव आईडियाज शीर्षक पर आधारित यह राष्ट्रीय कार्यशाला उत्तराखण्ड स्टेट कांउसिल फाॅर साइंस एण्ड टेक्नोलाॅजी (यूकोस्ट), उत्तराखण्ड सरकार के सहयोग से आयोजित की गई। शनिवार को कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि यूकोस्ट के वैज्ञानिक डाॅ. हिमांशु गोयल, श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डाॅ. कुमुद सकलानी, कुलसचिव डाॅ. लोकेश गम्भीर व निदेशक, इनोवेशन एण्ड इन्कयूबेशन सैन्टर, प्रो. डाॅ. द्वारिक...
पहाड़ गाली सुनने के लिए नहीं बना बोलकर सदन में फाड़ दिए कागज, गुस्से में कुर्सी से उठीं विधानसभा अध्यक्ष – UTTARAKHAND BUDGET SESSION 2025

पहाड़ गाली सुनने के लिए नहीं बना बोलकर सदन में फाड़ दिए कागज, गुस्से में कुर्सी से उठीं विधानसभा अध्यक्ष – UTTARAKHAND BUDGET SESSION 2025

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पहाड़ गाली सुनने के लिए नहीं बना बोलकर सदन में फाड़ दिए कागज, गुस्से में कुर्सी से उठीं विधानसभा अध्यक्ष - UTTARAKHAND BUDGET SESSION 2025 विवादित बयान पर प्रेमचंद अग्रवाल से माफी मांगने की मांग पर अड़ा विपक्ष, सत्ता पक्ष के मंत्रियों-विधायकों का भी मंत्री को नहीं मिला साथ देहरादून: शनिवार को उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के 5वें दिन की कार्यवाही शुरू होते ही संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के शुक्रवार को दिए पहाड़ मैदान के मुद्दे पर हंगामा शुरू हो गया. विपक्ष के विधायकों के बीच बदरीनाथ से विधायक लखपत बुटोला ने कहा कि पहाड़ गाली सुनने के लिए नहीं बना है. ये कहकर अपनी नाराजगी जताते हुए उन्होंने सदन में कागज फाड़ दिए. मंत्री के बयान पर विधानसभा में हंगामा: देहरादून में चल रहे उत्तराखंड बजट सत्र के पांचवें दिन की शुरुआत उसी हंगामे के साथ हुई जो चौथे दिन सदन में छोड़कर गए थे....
गैरसैंण में भी हितधारकों, स्टेकहोल्डर से विचार लिए थे। इस नए प्रावधानों में राज्यवासियों के विचार लिए गए हैं, सभी के सुझाव भी लिए गए हैं। सभी जिलों के जिलाधिकारियों एवं तहसील स्तर पर भी अपने जिलों में लोगों से सुझाव लिए गए। सभी के सुझाव के अनुरोध ये कानून बनाया गया है   

गैरसैंण में भी हितधारकों, स्टेकहोल्डर से विचार लिए थे। इस नए प्रावधानों में राज्यवासियों के विचार लिए गए हैं, सभी के सुझाव भी लिए गए हैं। सभी जिलों के जिलाधिकारियों एवं तहसील स्तर पर भी अपने जिलों में लोगों से सुझाव लिए गए। सभी के सुझाव के अनुरोध ये कानून बनाया गया है  

उत्तराखंड
  गैरसैंण में भी हितधारकों, स्टेकहोल्डर से विचार लिए थे। इस नए प्रावधानों में राज्यवासियों के विचार लिए गए हैं, सभी के सुझाव भी लिए गए हैं। सभी जिलों के जिलाधिकारियों एवं तहसील स्तर पर भी अपने जिलों में लोगों से सुझाव लिए गए। सभी के सुझाव के अनुरोध ये कानून बनाया गया है   विधानसभा बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950) (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा के दौरान कहा कि यह संशोधन भू सुधारों में अंत नहीं अपितु एक शुरुआत है। राज्य सरकार ने जन भावनाओं के अनुरूप भू सुधारों की नींव रखी है। भू प्रबंधन एवं भू सुधार पर आगे भी अनवरत रूप से कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य की जनता की जनभावनाओं एवं अपेक्षाओं के अनुरूप निर्णय लिया है। सरकार कई नए महत्वपूर्ण मामलों पर...
कांग्रेस के समय सरकार में बैठे लोग कहते थे हम आंख बंद कर लेंगे आप भ्रष्टाचार का सौदा तय कीजिए :सीएम धामी   

कांग्रेस के समय सरकार में बैठे लोग कहते थे हम आंख बंद कर लेंगे आप भ्रष्टाचार का सौदा तय कीजिए :सीएम धामी  

उत्तराखंड
  कांग्रेस के समय सरकार में बैठे लोग कहते थे हम आंख बंद कर लेंगे आप भ्रष्टाचार का सौदा तय कीजिए :सीएम धामी नकल के काले खेल को कांग्रेस ने दिया बढ़ावा, हर पद की लगती रही थी बोली:धामी सख़्त नकल विरोधी कानून और समान नागरिक संहिता को मुख्यमंत्री धामी ने बताया युगान्तकारी निर्णय उत्तराखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री धामी का संबोधन न केवल सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का एक सार्थक परिचय था बल्कि यह विपक्ष के भ्रष्टाचार और विफलताओं पर एक सटीक प्रहार भी साबित हुआ। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य की प्रगति और भविष्य के लिए तय किए गए लक्ष्यों का स्पष्ट खाका प्रस्तुत किया, वहीं कांग्रेस की पिछली सरकारों की असफलताओं और भ्रष्टाचार के काले अध्याय को सदन के समक्ष बेनकाब किया मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के रजत जयंती वर्ष में बजट का आकार एक लाख करोड़ रुपये...
एसजीआरआर विश्वविद्यालय के फैकल्टी मेंबरों ने ज्वाइन किया ऑनलाइन एफडीपी कोर्स

एसजीआरआर विश्वविद्यालय के फैकल्टी मेंबरों ने ज्वाइन किया ऑनलाइन एफडीपी कोर्स

उत्तराखंड
एसजीआरआर विश्वविद्यालय के फैकल्टी मेंबरों ने ज्वाइन किया ऑनलाइन एफडीपी कोर्स देहरादून। राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, चंडीगढ़ (एनआईटीटीटीआर) द्वारा आयोजित फैकल्टी डेवपलपमेंट प्रोग्राम के तहत “प्रोजेक्ट मैनेजमेंट फॉर बिजनेस स्टार्टअप” विषय पर एफडीपी का आयोजन किया गया। इसमें रिमोट सेंटर के रूप में एसजीआरआर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एवं कॉमर्स स्टडीज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऑनलाइन रिमोट सेंटर में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एवं कॉमर्स स्टडीज के फैक्ल्टी सदस्य और रिसर्च स्कॉलर शामिल हुए। 17 तारीख से शुरु हुई इस पांच दिवसीय एफडीपी में जहां शिक्षकों को काफी कुछ नया सीखने को मिला वहीं रिसर्च स्कालरों को बिजनेस को शुरू करने एवं उसे आगे बढ़ाने तरीकों के बारे में पता चला। यही नहीं स्टार्टअप को लेकर शिक्षकों और रिसर्च स्कालरों के मन में उठने वाले काफी प्रश्नों का भी...