पूर्व के कई अध्यक्षों के कार्यकाल में बीकेटीसी के सदस्यों को मन माफिक तरीके से कार्य करने की छूट मिली थी। अजेंद्र ने नियमों और अनुशासन की सीमा रेखा खींच दी तो कुछ सदस्यों ने अपने स्वार्थों की पूर्ति नहीं होते देख पूरे समय अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोले रखा।
पूर्व के कई अध्यक्षों के कार्यकाल में बीकेटीसी के सदस्यों को मन माफिक तरीके से कार्य करने की छूट मिली थी। अजेंद्र ने नियमों और अनुशासन की सीमा रेखा खींच दी तो कुछ सदस्यों ने अपने स्वार्थों की पूर्ति नहीं होते देख पूरे समय अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोले रखा।
देहरादून। श्री बदरीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय का तीन वर्ष का कार्यकाल इस 7 जनवरी को पूरा हो जाएगा। अध्यक्ष के रूप में अजेंद्र ने तमाम गतिरोधों के बीच अभूतपूर्व कार्य करते हुए बीकेटीसी को एक नई पहचान दिलाई। अजेंद्र ने अपने खिलाफ हुए विरोधों को दरकिनार करते हुए सुधारों की बयार को जारी रखा। अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने हर मोर्चे पर बीकेटीसी में कई मील के पत्थर तय किये।
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