दुःखदः उत्तराखंड में मासूम बच्चों ने पहले कोरोना ने पिता को खोया, अब एंबुलेंस न मिलने से चली गई मां की जान
मासूम बेटी ने मां के लिए सोशल मीडिया पर भी मांगी थी मदद, फिर नहीं बची जान, अनाथ हुए दो मासूम बच्चे.
किडनी की बीमारी से ग्रसित चंपावत जिले के बाराकोट ब्लॉक के मिर्तोली गांव निवासी दीपा देवी की मौत के लिए परिजनों ने सिस्टम की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। दीपा की मौत समय पर एबुंलेंस न मिलने से रविवार की रात हो गई थी। मामला तूल पकडऩे के बाद सीएमओ ने एंबुलेंस प्रभारी को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। इधर मरीज को जरूरत के वक्त आपातकालीन सुविधा का लाभ न मिलने से 108 सेवा के खिलाफ भी लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है। दीपा के पति की मौत एक माह पूर्व ही कोराना महामारी से हो गई थी।
बाराकोट विकास खंड के मिर्तोली गांव निवासी दीपा देवी (36) पत्नी स्व. दिनेश चंद्र बहुगुणा की की दोनों किडनियां खराब थीं। लंबे समय तक अस्पतालों में उसका उपचार चला। आर्थिक त...









