मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को केदारनाथ व बद्रीनाथ मंदिर की प्रतिकृति और शाॅल भेंट किया और उन्हें स्थिति सामान्य होने पर चारधाम के लिये आमंत्रित किया।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में गंगोलीहाट ब्लॉक मुख्यालय से 10 किमी दूर जरमाल गांव के छाता तोक में मां का हाथ पकड़कर चल रही ढाई साल की बच्ची को तेंदुआ अपने जबड़ों में झपट ले गया। छाता तोक में नेपाल निवासी विकास बहादुर अपनी पत्नी और ढाई साल की बच्ची रिया के साथ पानी लेकर आ रहे थे। मां रिया का हाथ पकड़कर चल रही थी। दोनों घर से करीब 10 मीटर की दूरी पर थीं, जबकि विकास उनके पीछे 20 मीटर की दूरी पर थे।
तभी तेंदुआ बच्ची को अपने जबड़ों में दबोच कर जंगल में भाग गया। सूचना पर वन कर्मी दीवान सिंह भी मौके पर पहुंचे। जानकारी मिलने पर वन रेंजर मनोज सनवाल टीम के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं। ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह और सरपंच चंद्र सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण बच्ची को ढूंढने में जुटे हैं। समाचार लिखे जाने तक बच्ची का पता नहीं चल पाया था। ग्रामीणों ने बताया कि हर साल यह परिवार लीसा दोहन के लिए आता है। ...
देहरादून-
उत्तराखंड में कोविड कर्फ्यू की अवधि को एक हफ्ते यानी 22 जून तक बढ़ा दिया है
साथ ही 15 जून से चारधाम यात्रा को भी तीन जिलों चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के लोगों के लिए खोल दिया है।
इसके लिए आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की गई।
वहीं, अन्य राज्यों से उत्तराखंड आने वालों के लिए आरटी पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट अभी भी अनिवार्य है।
कोविड कर्फ्यू में वर्तमान व्यवस्था में कुछ और रियायत भी दी।
हफ्ते में तीन दिन बाजार खुलेंगे।
मिठाई की दुकानें पांच दिन खुलेंगी। शहरों में विक्रम, ऑटो के संचालन की अनुमति दी गई। साथ ही राजस्व न्यायालय खोलने का भी निर्णय लिया गया है।...
सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने आज पैदल मार्ग द्वारा केदारनाथ धाम का भ्रमण किया। उन्होंने पैदल मार्ग में स्थित पुलिस चौकियों का भी निरीक्षण किया और वहाँ रजिस्टर आदि की जांच की। जावलकर ने निर्देश दिये कि कोविड प्रोटोकॉल का पूरी गम्भीरता से पालन किया जाए।
सचिव जावलकर ने केदारनाथ मंदिर परिसर में कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर सुनिश्चित करने के लिए देवस्थानम बोर्ड की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने कोविड को लेकर जारी एसओपी का कङाई से पालन किये जाने के निर्देश दिये।
सचिव जावलकर ने एसडीएम ऊखीमठ जितेंद्र वर्मा से केदारनाथ धाम से संबंधित सभी सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने पैदल ही केदारनाथ धाम जाकर वहाँ तीर्थ पुरोहितों से भी वार्ता की। जावलकर ने कहा कि अभी भी कोविड को देखते हुए हर जरूरी सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता...
उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता इंदिरा हृदेयश के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है,उन्होंने कहा मेरे लिए इससे बड़ी दुःख की बात और कोई नहीं हो सकती कि इंदिरा जी हमें अलविदा कह गई। उन्होंने हमेशा मेरा उत्साह बढ़ाया है। हर सुख दुःख में वो साथ रही है।
बलूनी ने कहा कि उत्तराखंड के अंदर संसदीय कार्य, प्रशासनिक कार्य और राजनीति में इंदिरा हृदयेश आगे रही है। उन्होंने हमेशा पार्टी राजनीति को व्यक्तिगत संबधों से अलग रखा। सभी पार्टियों में उनके बहुत अच्छे संबध थे। अनिल बलूनी ने कहा कि जब भी मैं राज्य हित के लिए कोई योजना बनाता तो इंदिरा जी का फोन जरूर आता और वो मेरा उत्साह बढ़ाती और कहती कि बेटा प्रदेश हित में अच्छा कार्य कर रहो हो।
उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर इंदिरा जी का मुझे श्रेय मिलता रहा है। हाल ही में जब वो कोरोना से बिमार हुई तो उन्होंने मुझे फोन क...
मसूरी विधान सभा के सरोना न्याय पंचायत के अंतर्गत सरोना गाँव में भाजपा के ‘सेवा ही संगठन’ अभियान के अंतर्गत १०५ परिवारों को राशन उपलब्ध कराया गया । देहरादून ज़िले के इस दूरस्थ गाँव में रह रहे परिवारों का जीवन कोरोना की वजह से काफ़ी प्रभावित हुआ है ।
आज ज़िला पंचायत सदस्य अस्थल, बीर सिंह चौहान, युवा मोर्चा की राष्ट्रीय मीडिया सह प्रभारी नेहा जोशी, युवा मोर्चा प्रवक्ता व त्रिकोण सॉसायटी की अध्यक्ष नेहा शर्मा, व प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी शेखर वर्मा ने ग्रामीणों को राशन के साथ साथ आयुष किट, मास्क, sanitiser, व इम्यूनिटी बूस्टर सिरप उपलब्ध कराए । बीर सिंह चौहान जी ने कहा कि सेवा जी संगठन अभियान के अंतर्गत हर एक भाजपा कार्यकर्ता निरंतर सेवा कार्यों में लगा है ताकि समाज के आख़िरी व्यक्ति तक राहत पहुँचा सके । नेहा जोशी ने बालाजी इन्वेस्टमेंट के अक्षत जैन व इशिता जैन का आभार व्यक्त किया जिन्...
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने इंदिरा हृदयेश के निधन पर दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए यह शब्दाजंलि भेंट की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण का ऐलान हो चुका था और 5 अक्टूबर 2000 को मैं समाजवादी पार्टी से त्यागपत्र दे कर दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में अम्बिका सोनी अजीत जोगी व प्रकाश जायसवाल के साथ प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस में शामिल होने का ऐलान करके बाहर आया ही था कि मोबाइल की घण्टी बजी और मैंने फोन उठाया तो डांटने के अंदाज़ में आवाज़ आयी कि अरे भाई कांग्रेस में शामिल हो रहे हो और हमको खबर भी नहीं, मैनें इंदिरा हृदयेश जी की कड़कती आवाज़ को पहचान लिया था सो मैंने प्रणाम किया और वे आदेशात्मक अंदाज़ में बोलीं मैं यूपी निवास में हूँ मिल कर जाना और मैं उनसे मिला तो वे बहुत खुश हुईं और कहा ये कांग्रेस...
देहरादून। प्रदेश के पर्यटन सिंचाई एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदेश के निधन पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।
पर्यटन सिंचाई एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश के दिवंगत होने का समाचार पाकर हम सब स्तब्ध हैं। उनके निधन से प्रदेश में राजनीति का एक अध्याय समाप्त हो गया है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनकी आत्मा को शांति मिले।
महाराज ने कहा कि पिछले चार दशक से यूपी से लेकर उत्तराखंड की राजनीति में बड़े नेताओं में शुमार रही डॉ. इंदिरा हृदयेश विधानसभा की मर्मज्ञ थी। उन्हें बड़ा राजनीतिक अनुभव प्राप्त था। वह सदैव हमारा मार्गदर्शन करने के साथ-साथ आगे बढ़ने के लिए भी प्रोत्साहित करती थीं। आज उनका अभाव हम सबके हृदय में खटक रहा है। हम प्रार्थना करते हैं कि भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान कर...
उत्तराखंड कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ इंदिरा ह्रदयेश का निधन हो गया है
डॉ ह्रदयेश अपने पीछे न केवल कांग्रेस बल्कि पहाड़ पॉलिटिक्स में एक गहरा शून्य छोड़ गई हैं जिसकी भरपाई बहुत जल्दी होना संभव नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा और नारायण दत्त तिवारी के दौर में राजनीति को जीने वाली स्व. इंदिरा हृदयेश का कद ऐसा था कि उत्तराखंड में वो नेताओं और विधायकों के बीच 'दीदी' के नाम से पॉपुलर थीं. क्या कांग्रेस, क्या भाजपा, सभी उनसे सलाह-मशविरा करने आते थे.
कांग्रेस की मिशन 2022 की तैयारियों को लेकर दिल्ली दौरे पर पहुँची 80 वर्षीय डॉ इंदिरा ह्रदयेश का आज सुबह लगभग 11 बजे दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।
यूपी विधान परिषद से 1974 यानी 46 साल पहले अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत करने वाली डॉ ह्रदयेश ने कई बार विभिन्न सरकारों में ...
उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर इंदिरा हृदयेश का हार्ड अटैक के चलते निधन हो गया है. दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में उनकी तबीयत बिगड़ी थी। उनके निधन की खबर से उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। उनके हल्द्वानी के घर मे मातम पसरा हुआ है।
पूर्व सीएम और बीजेपी नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इंदिरा हृदयेश के निधन पर दुख जाहिर करते हुए कहा, 'इंदिरा बहिन जी ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कई पदों को सुशोभित किया और विधायिका के कार्य में पारंगत हासिल की। बहिन जी का जाना मेरे लिए एक व्यक्तिगत क्षति है।'
बता दें कि इंदिरा हृदयेश का जन्म अयोध्या में 7 अप्रैल 1941 में हुआ था। वह एक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नेता, विधायक और साथ ही भारत में उत्तराखंड विधानसभा में विपक्ष की नेता रही। वह 2012 के उत्तराखंड विधान सभा चुनाव में हल्द्वानी निर्वाचन क्षेत्र से चुनी गई थीं। वह उत्तराखं...