Tuesday, July 28News That Matters

Month: July 2026

श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज बोले- ‘आखर’ ऐप मातृभाषाओं के संरक्षण और प्रसार की दिशा में दूरदर्शी पहल

श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज बोले- ‘आखर’ ऐप मातृभाषाओं के संरक्षण और प्रसार की दिशा में दूरदर्शी पहल

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श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज बोले- 'आखर' ऐप मातृभाषाओं के संरक्षण और प्रसार की दिशा में दूरदर्शी पहल देहरादून। उत्तराखण्ड की लोकभाषाओं को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में एक अभिनव पहल करते हुए कर्नल (डॉ.) डी.पी. डिमरी एवं उनकी सहयोगी टीमकर्मियों पृथवी, सरस्वती, नरेन्द्र, उर्मिला सिंह तथा पूरन ने ऐप आधारित त्वरित पॉकेट शब्दकोश ‘आखर’ विकसित किया है। श्री दरबार साहिब में आयोजित कार्यक्रम में श्री दरबार साहिब के सज्जादेनशीन परम पूज्य श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने इसका लोकार्पण करते हुए इसे मातृभाषाओं के संरक्षण और प्रसार की दिशा में दूरदर्शी कदम बताया तथा कर्नल डॉ. डिमरी को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। हिंदी, अंग्रेजी, गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी को समाहित करने वाला यह डिजिटल शब्दकोश दैनिक संवाद में प्रयुक्त शब्दों, वाक्यांशों और मुहावरों को सहज रूप से समझने तथा अपनाने में सहायक...
मुख्यमंत्री धामी के ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान से 8 दिनों में 65 हजार से अधिक नागरिक हुए लाभान्वित

मुख्यमंत्री धामी के ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान से 8 दिनों में 65 हजार से अधिक नागरिक हुए लाभान्वित

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मुख्यमंत्री धामी के 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान से 8 दिनों में 65 हजार से अधिक नागरिक हुए लाभान्वित उत्तराखंड में इन दिनों सरकार सिर्फ सचिवालय तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वयं जनता के द्वार पहुंच रही है। 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लोगों की समस्याएं सुनने के साथ-साथ उनके त्वरित समाधान भी सुनिश्चित कर रहे हैं। बीते आठ दिनों में 65 हजार से अधिक नागरिक इन जनसेवा शिविरों का लाभ उठा चुके हैं।चार जुलाई से पूरे प्रदेश में संचालित इस अभियान का उद्देश्य सरकार और जनता के बीच की दूरी कम करना तथा प्रत्येक समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।शनिवार को देहरादून में आयोजित जनसेवा शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ...
पहाड़ में बढ़ रहे इसोफेगस कैंसर के मामलों की तह तक पहुंचेगा श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, डॉ. पंकज गर्ग सहित विशेषज्ञों की टीम करेगी व्यापक रिसर्च

पहाड़ में बढ़ रहे इसोफेगस कैंसर के मामलों की तह तक पहुंचेगा श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, डॉ. पंकज गर्ग सहित विशेषज्ञों की टीम करेगी व्यापक रिसर्च

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पहाड़ में बढ़ रहे इसोफेगस कैंसर के मामलों की तह तक पहुंचेगा श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, डॉ. पंकज गर्ग सहित विशेषज्ञों की टीम करेगी व्यापक रिसर्च उत्तराखण्ड के विभिन्न पहाड़ी क्षेत्रों से भोजन नली अर्थात् इसोफेगस के कैंसर से पीड़ित मरीज उपचार के लिए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कैंसर विभाग में पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में दिखाई दे रहे रुझानों को वैज्ञानिक रूप से समझने के लिए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कैंसर विभाग ने इस विषय पर व्यापक शोध शुरू करने का निर्णय लिया है।इस शोध का मुख्य उद्देश्य यह जानना होगा कि पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले मरीजों में भोजन नली के कैंसर के पीछे तम्बाकू, धूम्रपान, शराब का सेवन, अत्यधिक गर्म चाय, भोजन या अन्य पेय पदार्थों का नियमित सेवन, फल एवं सब्जियों की कमी, पोषण संबंधी असंतुलन, मोटापा, एसिड रिफ्लक्स, घरों के भीतर धुएं का संपर्क, पेयजल की गुणवत्ता, पर...
डॉ. पंकज कुमार गर्ग के नेतृत्व में श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने शुरू की भोजन नली के कैंसर पर रिसर्च

डॉ. पंकज कुमार गर्ग के नेतृत्व में श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने शुरू की भोजन नली के कैंसर पर रिसर्च

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डॉ. पंकज कुमार गर्ग के नेतृत्व में श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने शुरू की भोजन नली के कैंसर पर रिसर्च उत्तराखण्ड के विभिन्न पहाड़ी क्षेत्रों से भोजन नली अर्थात् इसोफेगस के कैंसर से पीड़ित मरीज उपचार के लिए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कैंसर विभाग में पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में दिखाई दे रहे रुझानों को वैज्ञानिक रूप से समझने के लिए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कैंसर विभाग ने इस विषय पर व्यापक शोध शुरू करने का निर्णय लिया है।इस शोध का मुख्य उद्देश्य यह जानना होगा कि पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले मरीजों में भोजन नली के कैंसर के पीछे तम्बाकू, धूम्रपान, शराब का सेवन, अत्यधिक गर्म चाय, भोजन या अन्य पेय पदार्थों का नियमित सेवन, फल एवं सब्जियों की कमी, पोषण संबंधी असंतुलन, मोटापा, एसिड रिफ्लक्स, घरों के भीतर धुएं का संपर्क, पेयजल की गुणवत्ता, पर्यावरणीय परिस्थितियां तथा अन्य स्थानीय कारणों की...
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में विकास और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन पर आधारित होगी देहरादून महायोजना-2041

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में विकास और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन पर आधारित होगी देहरादून महायोजना-2041

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एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में विकास और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन पर आधारित होगी देहरादून महायोजना-2041 आने वाले डेढ़ दशक में राजधानी देहरादून कैसी दिखेगी, शहर का विस्तार किस दिशा में होगा, हरित क्षेत्र कैसे संरक्षित रहेंगे, यातायात व्यवस्था कितनी आधुनिक होगी और बढ़ती आबादी की जरूरतों को किस प्रकार पूरा किया जाएगा, इन सभी सवालों का जवाब देहरादून महायोजना-2041 में छिपा है। इसी महत्वपूर्ण योजना को अधिक जनोन्मुखी और व्यवहारिक बनाने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने जनसुनवाई अभियान शुरू कर दिया है। सोमवार को सेक्टर-1 के लिए अजबपुर खुर्द स्थित शकुन स्पोर्ट्स एकेडमी में आयोजित पहले जनसुनवाई कैंप में नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज कराईं।जनसुनवाई कार्यक्रम में एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, सचिव मोहन सिंह बर्निया...
₹65.95 करोड़ की बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं का मुख्यमंत्री धामी ने किया शिलान्यास

₹65.95 करोड़ की बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं का मुख्यमंत्री धामी ने किया शिलान्यास

उत्तराखंड
₹65.95 करोड़ की बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं का मुख्यमंत्री धामी ने किया शिलान्यास जनपद चम्पावत के बूमघाट में रविवार को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद की दो महत्वपूर्ण बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं का विधिवत भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने ₹60.21 करोड़ की लागत से बूम से टनकपुर तक शारदा नदी के तट पर बाढ़ सुरक्षा (तटबंध) निर्माण कार्य तथा ₹5.74 करोड़ की लागत से पूर्णागिरी तहसील के ग्राम छीनीगोठ की सुरक्षा हेतु हुड्डी नदी पर बाढ़ सुरक्षात्मक दीवार निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में आगमन पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक टीका, पटका, कुमाऊँनी टोपी, पुष्पवर्षा तथा छोलिया नृत्य के साथ स्थानीय स्वयं सहायता समूह की महिलाओं एवं क्षेत्रवासियों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम स्थल पहुंचने से पूर्व मुख्यमंत्री ने शारदा नदी पर संचालित बाढ़ सुरक्षा निर्माण कार्यों का स्थलीय ...
आस्था, संस्कृति और विकास को नई दिशा दे रही धामी सरकार की पहल

आस्था, संस्कृति और विकास को नई दिशा दे रही धामी सरकार की पहल

उत्तराखंड
आस्था, संस्कृति और विकास को नई दिशा दे रही धामी सरकार की पहल उत्तराखंड से संचालित पावन कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ रविवार को टनकपुर से हुआ। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा पर्यटक आवास गृह, से कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सभी श्रद्धालुओं की मंगलमय एवं सफल यात्रा की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक छोलिया नृत्य से स्वागत किया गया तथा पुलिस द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं का रुद्राक्ष की माला एवं भगवान शिव का पटका पहनाकर स्वागत किया और उनसे आत्मीय संवाद भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से ही किसी श्रद्धालु को इस पवित्र या...
₹219 करोड़ की परियोजनाओं से विकास को मिला नया आयाम

₹219 करोड़ की परियोजनाओं से विकास को मिला नया आयाम

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₹219 करोड़ की परियोजनाओं से विकास को मिला नया आयाम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को आईडीपीएल ग्राउंड, ऋषिकेश में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रदेशवासियों को संबोधित किया। इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने देहरादून जनपद की ₹219 करोड़ से अधिक लागत की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि यह अभियान लोकसेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक सफलता तभी है, जब शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े प्रत्येक नागरिक तक सम्मान, संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पहुँचे। राज्यपा...

मुख्यमंत्री धामी के 5 साल बेमिसाल: मदरसा बोर्ड समाप्त कर शिक्षा व्यवस्था में लागू किया बड़ा सुधार, 1 जुलाई 2026 से सरकारी पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाने वाले मदरसों पर लगी रोक

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मुख्यमंत्री धामी के 5 साल बेमिसाल: मदरसा बोर्ड समाप्त कर शिक्षा व्यवस्था में लागू किया बड़ा सुधार, 1 जुलाई 2026 से सरकारी पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाने वाले मदरसों पर लगी रोक च वर्ष में राज्य सरकार द्वारा लिए गए प्रमुख निर्णय और किये गए प्रमुख कार्य समान नागरिक संहिता उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता को लागू किया। ये निर्णय समाज में समानता और न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इसका उद्देश्य सभी नागरिकों को जाति, धर्म और लिंग से परे समान अधिकार देना है। प्रदेश में 27 जनवरी को समान नागरिक संहिता दिवस के रूप में मनाया जाता है। सख्त भू-कानून भूमि संरक्षण उत्तराखंड सरकार की प्राथमिकता रही है। बाहरी राज्यों के लोग अब हरिद्वार और ऊधमसिहं नगर को छोड़कर अन्य 11 जिलों में कृषि एवं बागवानी भूमि नहीं खरीद सकते। कोई भी बाहरी व्यक्ति सिर्फ एक बार, 250 व...
UCC के बाद धामी सरकार का एक और बड़ा फैसला, अब उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड भी इतिहास

UCC के बाद धामी सरकार का एक और बड़ा फैसला, अब उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड भी इतिहास

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UCC के बाद धामी सरकार का एक और बड़ा फैसला, अब उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड भी इतिहास उत्तराखंड ने आज देश के शिक्षा इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। 1 जुलाई 2026 मतलब आज से राज्य में मदरसा शिक्षा बोर्ड का औपचारिक अंत हो गया और इसके साथ ही उत्तराखंड भारत का पहला राज्य बन गया, जिसने मदरसा बोर्ड की व्यवस्था समाप्त कर सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के लिए एक समान शिक्षा नियामक व्यवस्था लागू कर दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के इस फैसले को राज्य के सबसे बड़े शिक्षा सुधारों में गिना जा रहा है। मदरसा बोर्ड की जगह अब उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण काम करेगा, जो मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और पारसी समुदायों के शिक्षण संस्थानों को एक समान नियमों के तहत मान्यता देगा और उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता की निगरानी करेगा। धामी सरकार का कहना है कि शिक्षा का आधार धर्म नहीं, बल्कि...