क्या है मसूरी गोलीकांड, क्या हुआ था 2 सितंबर 1994 की उस रात…
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मसूरी गोलीकांड के शहीद आंदोलनकारियों को विनम्र श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “मसूरी गोलीकांड के शहीद आंदोलनकारियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। शहीद आंदोलनकारियों के अथक प्रयासों से उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण हुआ। अपने प्राणों की आहुति देने वाले राज्य आंदोलनकारियों के बलिदान को प्रदेश हमेशा याद रखेगा। राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया गया है। पलायन को रोकने, रोजगार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से कार्य किया जा रहा है।“
क्या हुआ था उस रात
दो सितंबर 1994 की सुबह दर्दनाक और गहरे जख्मों से भरी थी, जिसका जख्म आजतक नहीं भर पाया है। अलग प्रदेश के लिए मुखर हुए आंदोलनकारियों पर 1 सितंबर 1994 को खटीमा में पुलिस ने गोलिया बरसाईं थीं। जिसके बाद 1 सितंबर की ...







