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उत्तराखंड

गुस्सा क्या होता है यह कभी शायद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पता ही नहीं है…   

गुस्सा क्या होता है यह कभी शायद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पता ही नहीं है…  

उत्तराखंड
  गुस्सा क्या होता है यह कभी शायद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पता ही नहीं है...   उत्तराखण्ड की सियासत को नजदीक से पहचानने वाले जानते हैं कि राज्य के जिस-जिस पूर्व मुख्यमंत्री ने सत्ता चलाने के दौरान गुस्से और अहंकार से अपने आपको सत्ता का बादशाह समझा उस-उस पूर्व मुख्यमंत्री का नाम आज राज्य की जनता भूल चुकी है क्योकि आम जनमानस को अपना मुखिया हसमुख देखने की ही हमेशा अभिलाषा रही है। उत्तराखण्ड की कमान जबसे सैनिक पुत्र धामी को मिली है तो उन्होंने सत्ता चलाने के लिए हमेशा फ्लावर चेहरे को आवाम के सामने रखा और उनके बीच जाकर उन्होंने हमेशा उन्हें यही संदेश दिया कि वह आवाम के जनसेवक हैं न कि किसी सल्तनत के बादशाह मुख्यमंत्री अपने तीन साल से अधिक के कार्यकाल में कभी किसी पर गुस्सा होते हुए दिखाई नहीं दिए उनके सामने जब चाहे कितना भी बडा संकट या मामला आया हो उन्होंने कभी भी ...
एसजीआरआरयू में बौद्विक संपदा अधिकार पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन   

एसजीआरआरयू में बौद्विक संपदा अधिकार पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन  

उत्तराखंड, देहरादून
एसजीआरआरयू में बौद्विक संपदा अधिकार पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) के इनोवेशन एण्ड इन्क्यूबेशन सैन्टर (आई.आई.सी.) के द्वारा बौद्विक संपदा अधिकार (इंटैलैक्चुअल प्रोपर्टी राईटस) पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के सभागार में शनिवार को इंटैलैक्चुअल प्रोपर्टी राईटस आधारित स्टार्ट अप्स हेतु इनोवेटिव आईडियाज शीर्षक पर आधारित यह राष्ट्रीय कार्यशाला उत्तराखण्ड स्टेट कांउसिल फाॅर साइंस एण्ड टेक्नोलाॅजी (यूकोस्ट), उत्तराखण्ड सरकार के सहयोग से आयोजित की गई। शनिवार को कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि यूकोस्ट के वैज्ञानिक डाॅ. हिमांशु गोयल, श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डाॅ. कुमुद सकलानी, कुलसचिव डाॅ. लोकेश गम्भीर व निदेशक, इनोवेशन एण्ड इन्कयूबेशन सैन्टर, प्रो. डाॅ. द्वारिक...
गैरसैंण में भी हितधारकों, स्टेकहोल्डर से विचार लिए थे। इस नए प्रावधानों में राज्यवासियों के विचार लिए गए हैं, सभी के सुझाव भी लिए गए हैं। सभी जिलों के जिलाधिकारियों एवं तहसील स्तर पर भी अपने जिलों में लोगों से सुझाव लिए गए। सभी के सुझाव के अनुरोध ये कानून बनाया गया है   

गैरसैंण में भी हितधारकों, स्टेकहोल्डर से विचार लिए थे। इस नए प्रावधानों में राज्यवासियों के विचार लिए गए हैं, सभी के सुझाव भी लिए गए हैं। सभी जिलों के जिलाधिकारियों एवं तहसील स्तर पर भी अपने जिलों में लोगों से सुझाव लिए गए। सभी के सुझाव के अनुरोध ये कानून बनाया गया है  

उत्तराखंड
  गैरसैंण में भी हितधारकों, स्टेकहोल्डर से विचार लिए थे। इस नए प्रावधानों में राज्यवासियों के विचार लिए गए हैं, सभी के सुझाव भी लिए गए हैं। सभी जिलों के जिलाधिकारियों एवं तहसील स्तर पर भी अपने जिलों में लोगों से सुझाव लिए गए। सभी के सुझाव के अनुरोध ये कानून बनाया गया है   विधानसभा बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950) (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा के दौरान कहा कि यह संशोधन भू सुधारों में अंत नहीं अपितु एक शुरुआत है। राज्य सरकार ने जन भावनाओं के अनुरूप भू सुधारों की नींव रखी है। भू प्रबंधन एवं भू सुधार पर आगे भी अनवरत रूप से कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य की जनता की जनभावनाओं एवं अपेक्षाओं के अनुरूप निर्णय लिया है। सरकार कई नए महत्वपूर्ण मामलों पर...
कांग्रेस के समय सरकार में बैठे लोग कहते थे हम आंख बंद कर लेंगे आप भ्रष्टाचार का सौदा तय कीजिए :सीएम धामी   

कांग्रेस के समय सरकार में बैठे लोग कहते थे हम आंख बंद कर लेंगे आप भ्रष्टाचार का सौदा तय कीजिए :सीएम धामी  

उत्तराखंड
  कांग्रेस के समय सरकार में बैठे लोग कहते थे हम आंख बंद कर लेंगे आप भ्रष्टाचार का सौदा तय कीजिए :सीएम धामी नकल के काले खेल को कांग्रेस ने दिया बढ़ावा, हर पद की लगती रही थी बोली:धामी सख़्त नकल विरोधी कानून और समान नागरिक संहिता को मुख्यमंत्री धामी ने बताया युगान्तकारी निर्णय उत्तराखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री धामी का संबोधन न केवल सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का एक सार्थक परिचय था बल्कि यह विपक्ष के भ्रष्टाचार और विफलताओं पर एक सटीक प्रहार भी साबित हुआ। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य की प्रगति और भविष्य के लिए तय किए गए लक्ष्यों का स्पष्ट खाका प्रस्तुत किया, वहीं कांग्रेस की पिछली सरकारों की असफलताओं और भ्रष्टाचार के काले अध्याय को सदन के समक्ष बेनकाब किया मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के रजत जयंती वर्ष में बजट का आकार एक लाख करोड़ रुपये...
एसजीआरआर विश्वविद्यालय के फैकल्टी मेंबरों ने ज्वाइन किया ऑनलाइन एफडीपी कोर्स

एसजीआरआर विश्वविद्यालय के फैकल्टी मेंबरों ने ज्वाइन किया ऑनलाइन एफडीपी कोर्स

उत्तराखंड
एसजीआरआर विश्वविद्यालय के फैकल्टी मेंबरों ने ज्वाइन किया ऑनलाइन एफडीपी कोर्स देहरादून। राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, चंडीगढ़ (एनआईटीटीटीआर) द्वारा आयोजित फैकल्टी डेवपलपमेंट प्रोग्राम के तहत “प्रोजेक्ट मैनेजमेंट फॉर बिजनेस स्टार्टअप” विषय पर एफडीपी का आयोजन किया गया। इसमें रिमोट सेंटर के रूप में एसजीआरआर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एवं कॉमर्स स्टडीज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऑनलाइन रिमोट सेंटर में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एवं कॉमर्स स्टडीज के फैक्ल्टी सदस्य और रिसर्च स्कॉलर शामिल हुए। 17 तारीख से शुरु हुई इस पांच दिवसीय एफडीपी में जहां शिक्षकों को काफी कुछ नया सीखने को मिला वहीं रिसर्च स्कालरों को बिजनेस को शुरू करने एवं उसे आगे बढ़ाने तरीकों के बारे में पता चला। यही नहीं स्टार्टअप को लेकर शिक्षकों और रिसर्च स्कालरों के मन में उठने वाले काफी प्रश्नों का भी...
एस.जी.आर.आर.यू में उत्साह से मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस    

एस.जी.आर.आर.यू में उत्साह से मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस  

उत्तराखंड, देहरादून
एस.जी.आर.आर.यू में उत्साह से मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एस.जी.आर.आर.यू) में सामाजिक एंव मानविकी विज्ञान संकाय द्वारा 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। हिन्दी विभाग द्वारा अतंराष्ट्रीय मातृभाषा के उपलक्ष्य पर भाषाः विचारों का वाहक, भाषा और संस्कृति अटूट संबध, भाषा और बहुभाषावादःवैश्विक परिप्रेक्ष्य, भाषा और विविधताः एकता में अनेकता, विषयों पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सामाजिक एवं मानविकी विज्ञान संकाय की डीन प्रो. प्रीती तिवारी ने की। उन्होंने मातृभाषा के महत्व और इसके संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों के लिए एक उत्कृष्ट मंच है जहाँ वे अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रदर्शन कर सकते हैं। इस तरह की प्रतियोगिताओं का आयोज...
1960 से लेकर लगातार यह विश्वविद्यालय न केवल कृषि एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निरंतर नए-नए शोध कार्य कर रहा है : धामी   

1960 से लेकर लगातार यह विश्वविद्यालय न केवल कृषि एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निरंतर नए-नए शोध कार्य कर रहा है : धामी  

उत्तराखंड
  1960 से लेकर लगातार यह विश्वविद्यालय न केवल कृषि एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निरंतर नए-नए शोध कार्य कर रहा है : धामी     मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित ‘17वें कृषि विज्ञान सम्मेलन’ में बतौर मुख्यतिथि प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण एवं कृषकों का उत्थान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस प्रतिष्ठित सम्मेलन को देवभूमि उत्तराखंड की पुण्य धरा में आयोजित किया जा रहा है। ऐसे सम्मेलनों के द्वारा जहां एक ओर किसान भाईयों को कृषि से जुड़ी नवीनतम तकनीकों, शोध परिणामों एवं उत्तम बीज-खाद आदि के विषय में जानने का अवसर प्राप्त होता है, वहीं दूसरी ओर यहाँ पर लगे विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से उन्हें औद्यानिकी, पशुपालन एवं जैविक खेती जैसी कृ...
माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के युवा विकसित उत्तराखंड के संकल्प को सवारने में जुटे है जिलाधिकारी देहरादून।   

माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के युवा विकसित उत्तराखंड के संकल्प को सवारने में जुटे है जिलाधिकारी देहरादून।  

उत्तराखंड
माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के युवा विकसित उत्तराखंड के संकल्प को सवारने में जुटे है जिलाधिकारी देहरादून।   देहरादून 21 फरवरी, 2025(सू.वि.), माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के युवा विकसित उत्तराखंड केे संकल्प को सवारने में जिलाधिकारी सविन बंसल हर क्षेत्र पर तेजी से कार्य कर, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को माइक्रोप्लान के तहत धरातल पर उतार कर, अंतिम छोर तक के व्यक्ति को लाभान्वित कर रहे हैं। इसी कड़ी में साधुराम इंटर कॉलेज में भिक्षावृत्ति से मुक्त किए गए बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए मॉडल इन्टेसिव केयर शैल्टर को विकसित करने हेतु युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें बच्चों के शैक्षणिक एवं कौशल विकास को विकसित करने हेतु स्वंयसेवी, विशेषज्ञों द्वारा बच्चों के सर्वागीण विकास में योगदान दिया जा रहा है। इन्टेसिंव केयर शैल्टर में जहां बच्चों क...
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय विधानसभा की यह विजिट राजनीतिक विज्ञान के छात्र-छात्राओं के लिए बेहद लाभदायक रही   

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय विधानसभा की यह विजिट राजनीतिक विज्ञान के छात्र-छात्राओं के लिए बेहद लाभदायक रही  

उत्तराखंड
  श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय विधानसभा की यह विजिट राजनीतिक विज्ञान के छात्र-छात्राओं के लिए बेहद लाभदायक रही   श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने देखी उत्तराखण्ड विधानसभा सत्र की कार्यवाही देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं ने बुधवार को अपने शिक्षकों के साथ उत्तराखण्ड विधानसभा सत्र की कार्यवाही देखी। यह छात्र-छात्राओं के लिए पहला मौका था जब उन्होंने सीधे विभानसभा सत्र की कर्यवाही को अपनी आंखों से देखा और समझा। इस अवसर पर छात्र-छात्राएं काफी उत्साहित नजर आए। यह अनुभव छात्र-छात्राओं के लिए समाचार माध्यमों के जरिये विधानसभा सत्र की कार्यवाही को देखने और समझने से बिल्कुल अलग था। छात्र-छात्राओं के लिए यह गौरव का पल था जब विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने दर्शक दीर्घा में बैठे श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के छात्र-छात्...
मंत्री जोशी ने विश्वास जताया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और समाज के हर वर्ग को लाभ पहुंचाएगा।      

मंत्री जोशी ने विश्वास जताया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और समाज के हर वर्ग को लाभ पहुंचाएगा।    

उत्तराखंड
  मंत्री जोशी ने विश्वास जताया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और समाज के हर वर्ग को लाभ पहुंचाएगा।   देहरादून, 20 फरवरी। प्रदेश के कृषि एवं ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने उत्तराखंड सरकार के बजट को गरीबों, युवाओं, किसानों (अन्नदाताओं) और नारीशक्ति के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश के सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा। उन्होंने बताया कि इस बार के बजट में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 13 फीसदी की वृद्धि की गई है, जिससे प्रदेश के विकास कार्यों को और अधिक मजबूती मिलेगी। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कृषि क्षेत्र के विकास तथा अन्नतदाताओं के उत्थान हेतु बजट में किसान पेंशन योजनान्तर्गत समग्र रूप से लगभग रू0 42.18 करोड़। हाउस ऑफ हिमालयाज के अन्तर्गत रू0 15.0...