धामी जो कहते हैं वह करके दिखाते हैं, अब सुरक्षित रहेगी देव भूमि की संस्कृति और नहीं बदलेगा देव भूमि का स्वरूप..

0
183

देहरादून,हल्द्वानी, रामनगर, काशीपुर, रुद्रपुर, हरिद्वार, कोटद्वार और कालसी वन क्षेत्र में से ताबड़तोड़ हटाए जा रहे हैं अवैध मजार … लैंड जिहाद पर धामी का प्रहार…

वन विभाग ने अवैध मज़ारो को हटाने के लिए तेज किया अभियान लगभग 80 हेक्टेयर भूमि से 356 से अधिक अवैध धर्मस्थल हटाए गए हैं, जिनमें 300 से अधिक मजारें शामिल

 

1000 से भी ज्यादा अवैध मजारें खोदने पर उनके नीचे कोई अवशेष
चल रहा है उन पर धामी का बुलडोजर.. अब तक 356 से अधिक अवैध मज़ारे ध्वस्त….

 

 

 

 

देवभूमि उत्तराखंड में लैंड जिहाद पर धामी का प्रहार जारी है
बुलडोजर अटैक जारी हैं.

सरकारी विभागों सहित
वन विभाग की ओर से अवैध मज़ारो को हटाने के लिए पूरे प्रदेश में तेजी से अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत अब तक प्रदेश में लगभग 70 हेक्टेयर भूमि से 285 से अधिक अवैध धर्मस्थल हटाए गए हैं, जिनमें 275 से अधिक मजारें शामिल हैं

सबसे अधिक अतिक्रमण हल्द्वानी, रामनगर, काशीपुर, रुद्रपुर, हरिद्वार, कोटद्वार और कालसी वन क्षेत्र में हैं।

वही कुमाऊं के तराई क्षेत्र में ही लगभग 70 प्रतिशत अवैध धर्मस्थल हैं। और अब ओर तेजी से वनभूमि पर अतिक्रमण चिन्हित करने के बाद नोटिस जारी हैं….

बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एलान कर चुके थे कि
उत्तराखंड में ‘लैंड जिहाद’ नहीं होने देगे..

देवभूमि उत्तराखंड का स्वरूप नहीं बदलने देंगे…
बस फिर क्या धामी के ऐलान के बाद.. राज्य की नौकरशाही… से लेकर पूरा सिस्टम ग्राउंड जीरो पर मोर्चे पर जुट गया
देवभूमि उत्तराखंड में
1000 से भी ज्यादा ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं जहां अनावश्यक रूप से मजारें बना दी गई हैं, लेकिन खोदने पर उनके नीचे कोई अवशेष नहीं मिल रहे हैं…
और अब ऐसे अवैध मज़ारो पर… लगातार धामी का बुलडोजर चल रहा है..

आज की इन इस तस्वीर को देखिए .. जो देहरादून के विकासनगर सेलाकुई की है

इन अवैध मजारो पर धामी सरकार का प्रहार देखिये

ये हैं धामी सरकार का ऑपरेशन लैंड जिहाद

की तस्वीर बता रही कि देवभूमि से लैंड जिहाद का सफाया कर रहे हैं धामी
बहराल धर्म की आड़ में बनाई गई ये अवैध मजारो. को.. तेजी के साथ ध्वस्त किया जा रहा है… ओर मानो जैसे ये तस्वीरे ये वीडियो ये बुलडोजर
चिल्ला चिल्ला कर कह रहैं हो
धामी जो कहते हैं वह करके दिखाते हैं ….. और अब सुरक्षित रहेगी देव भूमि की संस्कृति और नहीं बदलेगा देव भूमि का स्वरूप

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here