श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में
क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र का उद्घाटन

 

देहरादून

श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एण्ड हेल्थ साइंसेज़ को उत्तराखण्ड राज्य के लिए क्षेत्रीय अनुसंधान एवम् जैव चिकित्सा अनुसंधान के रूप में चयनित किया है।
क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र में जैव चिकित्सा एवम् सांख्यकी से जुड़े विषयों पर शोध कार्य किये जाएंगे। शोध केन्द्र उत्तराखण्ड व आसपास के राज्यों के मेडिकल शोधार्थियों के लिए आवश्यक संसाधन उपलबध करवाएगा।
यह जानकारी श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एण्ड हेल्थ साइंसेज़ के उप प्राचार्य डॉ पुनीत ओहरी ने दी।
मंगलवार को एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ यशबीर दीवान एवम् मुख्य अतिथि डॉॅ पदम सिंह पूर्व एडिशनल डायरेक्टर जनरल, इण्डियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के कर कमलों द्वारा किया गया। काबिलेगौर है कि डॉ पदम सिंह प्रख्यात सांख्यिकी विशेषज्ञ एवम् सांख्यकी भूषण पुरस्कार से सम्मानित हैं। वह सोसाइटी ऑफ चिकित्सकीय सांख्यकी के शोधार्थी हैं। एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज में क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र एवम् जैव अनुसंधान प्रकोष्ठ शोधार्थियों के लिए शोध के नए अवसर प्रदान करेगा। इस अवसर पर उप प्राार्चाय डॉ ललित कुमार वार्ष्णेय, डॉ राजीव आचार्य, व डॉ उत्कर्ष शर्मा उपस्थित थे। कार्यक्रम की समन्वयक डॉ शल्की मट्टास प्रदेश समन्वयक उत्तराखण्ड डॉ पदम सिंह रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट स्कीम मौजूद थीं।
दो दिवसीय कार्यशाला में मेडिकल विशेषज्ञों ने
बताई थीसिक लेखन की बारीकियां
श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एण्ड हेल्थ साइंसेज में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भी किया गया। यह इस प्रकार की पहली वर्कशाप है जो इस स्कीम के अन्तर्गत आयोजित की जा रही है। इस प्रकार की कई और वर्कशाप आने वाले समय में आयोजित होंगी।
कार्यशाला का शुभारंभ इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स के सहयोग से किया गया। मुख्य अतिथि डॉ पदम सिंह, कार्यशाला के आयोजक अध्यक्ष डॉ पुनीत ओहरी व डॉ पदम सिंह आरएण्डी स्कीम के राष्ट्रीय समन्वयक व डिप्टी डारेक्टर डॉ शुभम पांडे, डॉ राघव गुप्ता, असिस्टेंट प्रोफेसर, एनेस्थिसीया, एम्स दिल्ली ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया।
डॉ पुनीत ओहरी ने कहा वर्कशाप शोधार्थियों थीसिस लिखने की बारीकियों से अवगत कराएगा। थीसिस कैसे लिखी जाती हैं व कैसे लिखवाई जाती हैं इस विषय को बारीकी से समझने-समझाने में वर्कशाप कारगर साबित होगी। उन्हांने कहा कि एसजीआरआर मेडिकली कॉलेज प्रबन्धन का हमेशा से ही यह प्रयास रहा है कि छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीक, व मॉर्डन अनुसंधान से रूबरू करवाए जाएगे व उनके लिए इस प्रकार की पृष्ठभूमि तैयार की जाए कि देश विदेश में अनुसंधान की हर प्रतिस्पर्धा में हर कसौटी पर अव्वल आएं।
अकाक्षां राठा एवम् अकांक्षा उनियाल स्वर्गीय श्री राम कृष्ण पांडे मैमोरियल यंग स्टैटिस्टीशियन अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस कार्यशाला में विशेषज्ञों ने थीसिस लिखे जाने के दौरान ध्यान रखी जाने वाली विशेष बातों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइंसेज़ के वरिष्ठ फेकल्टी सदस्य डॉ एमए बेग, डॉ अंजलि चौधरी, डॉ निधि जैन, डॉ मेघा लूथरा, डॉ अपर्णा भारद्वाज, डॉ आलोक माथुर, डॉ सुलेखा नौटियाल, डॉ निशिथ गोविल एवम् 70 से अधिक पोस्ट ग्रैजुएट मेडिकल छात्र-छात्राएं भी उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here