3 महीने अल्टीमेटम के बाद वाटरग्रेस को सीधा किया था 47 वार्डों से बाहर; 26 वार्ड वाली इकोन पर किया उच्च स्तरीय जाचं का कड़ा प्रहार।
3 महीने अल्टीमेटम के बाद वाटरग्रेस को सीधा किया था 47 वार्डों से बाहर; 26 वार्ड वाली इकोन पर किया उच्च स्तरीय जाचं का कड़ा प्रहार।
जांच में पाया गया कि टेंडर दो कम्पनियों द्वारा जीता गया था, मै० भार्गव फैसिलिटी सर्विसेज़ प्रा०लि० और मै० सन लाईट। मै० भार्गव फैसिलिटी सर्विसेज़ प्रा०लि० द्वारा अपने ही नाम से एक एसपीवी को कार्य करने हेतु नामित किया गया था किन्तु पत्रावली से टेम्पर कर उस पर 13 पृष्ठ पृथक से चिपकाये गये जिनमें मै० ईकान वेस्ट मैनेजमेन्ट सोल्यूशंस प्रा०लि० को मै० भार्गव फैसिलिटी सर्विसेज़ प्रा०लि० द्वारा पुनः एसपीवी नामित किया गया। अनुमति पत्रावली की नोट शीट पर कहीं भी प्राप्त नहीं है और यह आरएफपी की शर्तों का उल्लंघन पाया गया। मै० ईकान वेस्ट मैनेजमेन्ट सोल्यूशंस प्रा०लि० की अर्हता से सम्बंधित भी टेंडर पत्रावली पर कोई टिप्पणी उपलब्ध नहीं है लेकिन अनुबंध मै० ईकान वेस्ट...









